China की चुनौती के बाद सरकार हुई सक्रिय,चीन अपने संसाधनों को रणनीतिक तौर पर यूज कर रहा है। हाल में उसने भारत को रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई रोक दी थी। इस सेक्टर में उसका दबदबा है और वह जब चाहे इसकी सप्लाई रोक सकता है। भारत ने इस स्थिति से बचने के लिए कमर कस ली है।
एक बड़े अधिकारी ने ईटी को बताया कि इस प्रस्ताव को सरकार के अंदर मंजूरी मिल गई है। खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में बदलाव का बिल संसद में सोमवार को ही पेश किया जा सकता है। सरकार का प्रस्ताव है कि विदेशों में ऐसी संपत्तियां खरीदने के लिए नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट में जमा पैसे का इस्तेमाल किया जाए। इस ट्रस्ट में अभी 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हैं। यह पैसा खनन पट्टा धारकों से लिया गया है, जिन्हें रॉयल्टी का 2% इस ट्रस्ट में जमा करना होता है।
ट्रस्ट का नाम
प्रस्ताव के मुताबिक इस ट्रस्ट का नाम भी बदला जाएगा। अब इसमें विकास शब्द जोड़ा जाएगा। इससे पता चलेगा कि अब यह ट्रस्ट विदेशों में जरूरी खनिजों की खोज, अधिग्रहण और विकास का काम भी करेगा। इसका मकसद जरूरी खनिजों की सप्लाई को बढ़ाना है। इस कानून में पिछली बार 2023 में बदलाव किया गया था। अधिकारी ने कहा कि यह संशोधन जरूरी खनिज कच्चे माल की उपलब्धता की समस्या को दूर करेगा। सरकार नए अधिग्रहणों के लिए पैसा देने के साथ-साथ कैप्टिव माइंस से निकलने वाले खनिज कचरे को एकमुश्त बेचने की भी अनुमति देना चाहती है।
अधिकारी ने बताया कि कई कैप्टिव माइंस में खनिजों का बहुत सारा कचरा जमा हो गया है, जो कम गुणवत्ता या संयंत्रों के लिए अनुपयुक्त होने के कारण इस्तेमाल करने लायक नहीं है। राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार, कैप्टिव एंड-यूज प्लांट्स में उत्पादित आधे से ज्यादा खनिज इस्तेमाल करने लायक नहीं होते हैं। अभी के नियमों के अनुसार कैप्टिव माइंस ऐसे कचरे को बेच नहीं सकते हैं।
नियमों में बदलाव
प्रस्तावित बदलावों से राज्यों को यह अधिकार मिल जाएगा कि वे लीज क्षेत्र में जमा कचरे को अतिरिक्त राशि लेकर बेचने की अनुमति दे सकें। नियमों को आसान बनाने के लिए कुछ और प्रस्ताव भी हैं। मसलन अगर कोई नया खनिज मिलता है तो उसे मौजूदा खनन पट्टे में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ फीस देनी होगी। इसी तरह अगर किसी के पास डीप-सीटेड मिनरल रिसोर्स पट्टा है, तो वह आस-पास के क्षेत्र को भी अपने पट्टे में शामिल करने के लिए आवेदन कर सकता है। यह सुविधा सिर्फ एक बार मिलेगी और पट्टे का क्षेत्र 10% से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है।
