Health Tips: क्रैश डाइट नहीं, स्मार्ट लाइफस्टाइल से घटा वजन—चेन्नई की इंफ्लुएंसर ने शेयर किए आसान फिटनेस फॉर्मूले, आज के समय में बढ़ता वजन एक आम समस्या बन चुका है, लेकिन इसे कम करने के लिए शॉर्टकट अपनाना जरूरी नहीं है। चेन्नई की एक इंफ्लुएंसर मां ने अपनी फिटनेस जर्नी के जरिए यही साबित किया है। उन्होंने किसी सख्त डाइट के बजाय बैलेंस्ड लाइफस्टाइल अपनाकर अपना वजन 82 किलो से घटाकर 60 किलो कर लिया।
इंफ्लुएंसर के अनुसार, उनका वेट लॉस किसी त्वरित उपाय का नतीजा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में किए गए छोटे-छोटे बदलावों का परिणाम है। उन्होंने अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसे बदलाव किए, जिन्होंने उन्हें लगातार बेहतर नतीजे दिए।
वह बताती हैं कि उन्होंने अपनी डाइट में प्रोटीन को खास महत्व दिया, जिससे उन्हें लंबे समय तक पेट भरा महसूस हुआ और एनर्जी भी बनी रही। हालांकि उनका कहना है कि हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है, इसलिए डाइट में बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
उन्होंने वजन घटाने के लिए खाने की मात्रा कम करने के बजाय खाने का तरीका बदला। दिनभर में 5-6 छोटे और संतुलित मील लेने से उन्हें ज्यादा फायदा मिला। उनका मानना है कि लंबे समय तक भूखे रहने से वजन कम नहीं होता, बल्कि सही समय पर संतुलित भोजन जरूरी है।
इंफ्लुएंसर ने क्रैश डाइट को पूरी तरह नजरअंदाज किया। उनके मुताबिक, ऐसी डाइट लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती और शरीर को जरूरी पोषण भी नहीं देती। इसलिए उन्होंने हेल्दी और संतुलित खाने पर ध्यान दिया।
उन्होंने बाहर के खाने की बजाय घर का बना भोजन ज्यादा चुना और अनावश्यक स्नैकिंग से दूरी बनाई। उनका कहना है कि बाहर का खाना हेल्दी दिख सकता है, लेकिन उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों पर नियंत्रण नहीं होता।
इसके अलावा, उन्होंने पर्याप्त पानी पीने की आदत भी डाली। उनका मानना है कि कई बार भूख या क्रेविंग असल में शरीर में पानी की कमी की वजह से होती है। सही मात्रा में पानी पीने से जंक फूड की चाह भी कम होती है।
उन्होंने अपनी डाइट में किसी चीज को पूरी तरह बैन नहीं किया। कभी-कभी मिठाई या पसंदीदा खाना खाया, लेकिन सीमित मात्रा में और बिना किसी गिल्ट के। उनका मानना है कि संतुलन बनाए रखना ही फिटनेस का असली राज है।
