Iran युद्ध के बाद तबाही का बड़ा खुलासा, पुनर्निर्माण पर आ सकता है भारी खर्च ,ईरान में हालिया युद्ध ने देश के बुनियादी ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है। पुल, इमारतें, फैक्ट्रियां, बंदरगाह, रेल लाइनें और सड़कें बड़े पैमाने पर तबाह हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि यह नुकसान पिछले साल हुई 12 दिन की लड़ाई से कहीं ज्यादा गंभीर है।
अमेरिका और इजरायल के हमलों के चलते ईरान के कई अहम औद्योगिक केंद्र निशाने पर रहे। स्टील प्लांट, पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और उत्पादन इकाइयों को खास तौर पर टारगेट किया गया, जिससे देश की आर्थिक रीढ़ पर सीधा असर पड़ा है। भारी बमबारी और सटीक मिसाइल हमलों ने शहरी इलाकों तक को नहीं छोड़ा।
सीजफायर से पहले पूरे ईरान में हजारों ठिकानों पर हमले
करीब पांच हफ्तों तक चले इस युद्ध में सीजफायर से पहले पूरे ईरान में हजारों ठिकानों पर हमले किए गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पुनर्निर्माण की लागत करीब 270 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस स्तर की तबाही की भरपाई करने में कई साल लग सकते हैं।
हालांकि ईरान अपनी सैन्य सफलता के दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युद्ध के बाद देश को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ेगा। पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रही अर्थव्यवस्था अब और कमजोर हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि केंद्रीय बैंक को बड़े मूल्य के नोट जारी करने पड़े हैं और बैंकिंग सिस्टम पर भी दबाव बढ़ गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रतिबंधों में राहत नहीं मिली, तो ईरान एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जनता का असंतोष सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।
इस युद्ध में खास बात यह रही कि हमले सीधे आर्थिक ढांचों पर केंद्रित थे। पेट्रोकेमिकल सेक्टर, जो ईरान के गैर-तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा है, बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी तरह इस्पात उद्योग और दवा उत्पादन इकाइयों को भी नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान को हर दिन सैकड़ों मिलियन डॉलर का निर्यात नुकसान हो रहा है। अगर यह स्थिति जारी रही, तो देश को तेल उत्पादन तक सीमित या बंद करने की नौबत आ सकती है। कुल मिलाकर, युद्ध भले ही रुक गया हो, लेकिन ईरान के सामने अब असली चुनौती अपने देश को फिर से खड़ा करने की है—जो आसान नहीं होने वाला।
