Finance Tips: PPF Account: पीपीएफ खाता सिर्फ टैक्स बचाने का जरिया नहीं है, बल्कि जरूरत के समय सस्ते लोन का एक भरोसेमंद विकल्प भी है। इससे आप मैच्योरिटी से पहले ही अपने जमा पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मान लीजिए राजेंद्र गुप्ता को अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। उनका पीपीएफ खाता था, लेकिन मैच्योरिटी में समय बाकी था। ऐसे में उन्होंने जाना कि वे अपने ही पीपीएफ बैलेंस पर कम ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं। इस तरह पीपीएफ एक इमरजेंसी फंड की तरह भी काम करता है।
कब ले सकते हैं लोन?
पीपीएफ अकाउंट खोलने के दूसरे साल के बाद और पांचवें साल के खत्म होने से पहले लोन की सुविधा मिलती है। यानी आप तीसरे से छठे वित्तीय वर्ष के बीच ही इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं।
कितना मिल सकता है लोन?
लोन की राशि एक तय फॉर्मूले पर आधारित होती है:
- जिस साल लोन लेना है, उससे दो साल पहले का बैलेंस देखें
- उस बैलेंस का अधिकतम 25% ही लोन के रूप में मिल सकता है
उदाहरण के लिए, अगर आप 2026-27 में लोन लेते हैं, तो 31 मार्च 2025 के बैलेंस का 25% ही आपको मिलेगा।
ब्याज दर क्या होगी?
- मौजूदा समय में पीपीएफ पर करीब 7.1% ब्याज मिलता है
- लोन पर ब्याज इससे 1% ज्यादा यानी लगभग 8.1% होगा
- अगर 36 महीने में लोन नहीं चुकाया, तो ब्याज दर बढ़कर 13% से ज्यादा हो सकती है
चुकाने के नियम
- लोन 36 महीने के भीतर चुकाना जरूरी है
- पहले मूलधन चुकाना होता है, फिर ब्याज
- ब्याज का भुगतान अधिकतम 2 किस्तों में किया जा सकता है
- अगर समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो बकाया रकम पीपीएफ बैलेंस से काट ली जाएगी
क्यों है यह बेहतर विकल्प?
महंगे पर्सनल लोन (12-15% ब्याज) लेने के बजाय पीपीएफ लोन एक सस्ता और सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसमें आप अपने ही पैसे का इस्तेमाल करते हैं।
कुल मिलाकर, पीपीएफ सिर्फ निवेश नहीं बल्कि जरूरत के समय काम आने वाला स्मार्ट फाइनेंशियल टूल है।
