Home Minister Amit Shah : तमिलनाडु और महाराष्ट्र में हिंदी भाषा (Hindi language) को लेकर जारी विवाद के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने अंग्रेजी भाषा (English Language) पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि भारतीय भाषाएं देश की आत्मा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं। अब समय आ गया है कि हम अपनी भाषाई विरासत को दोबारा अपनाएं और दुनिया के सामने गर्व से आगे बढ़ें।
दरअसल अमित शाह गुरुवार को नई दिल्ली में पूर्व आईएएस अधिकारी अशुतोष अग्निहोत्री की पुस्तक ‘मैं बूंद स्वयं, खुद सागर हूं’ के विमोचन समारोह में पहुंचे थे।इस दौरान देश में जारी भाषीय विवाद के बीच अमित शाह ने कहा, “मैं जो कहता हूं उसे याद रखें और मेरी बात ध्यान से सुनें।
ऐसा समाज दूर नहीं है जहां लोग इस देश में अंग्रेजी बोलने में शर्म महसूस करेंगे। हमारे देश की भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं। उनके बिना हम भारतीय नहीं हैं। आप किसी विदेशी भाषा में अपने इतिहास, संस्कृति और धर्म को नहीं समझ सकते। अधूरी विदेशी भाषाओं के साथ संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं की जा सकते हैं।
शाह ने आगे कहा, “मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ हूं कि लड़ाई कितनी कठिन है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय समाज इस लड़ाई को जीतेगा और अपनी भाषाओं पर गर्व करते हुए हम अपने देश को चलाएंगे, विचार करेंगे, शोध करेंगे, निर्णय लेंगे और दुनिया पर शासन करेंगे। इसमें किसी को संदेह करने की जरूरत नहीं है। 2047 में हमें दुनिया में शीर्ष पर पहुंचाने में हमारी भाषाओं का बहुत बड़ा योगदान होगा,” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा।
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