Breaking: Ministry of External Affairs ने United States–Iran सीजफायर पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसका स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में रास्ता खुलेगा। बुधवार (8 अप्रैल 2026) को जारी बयान में मंत्रालय ने कहा कि भारत शुरू से ही संवाद और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने का समर्थक रहा है।
बयान में कहा गया कि मौजूदा संघर्ष को खत्म करने के लिए जरूरी है कि सभी पक्ष बातचीत का रास्ता अपनाएं और शांति स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। भारत ने एक बार फिर दोहराया कि विवादों का समाधान सैन्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समझदारी से संभव है।
इस बीच, Israel-ईरान और अमेरिका के बीच पिछले एक महीने से जारी संघर्ष से हुए वैश्विक असर पर भी चिंता जताई गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस युद्ध ने ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित किया, जिससे दुनियाभर के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब उम्मीद है कि Strait of Hormuz से तेल और गैस की सप्लाई फिर से सामान्य होगी और वैश्विक व्यापार में स्थिरता लौटेगी।
सीजफायर के ऐलान के साथ ही भारत ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। सरकार ने सभी भारतीयों को सलाह दी है कि वे तुरंत सुरक्षित तरीके से देश छोड़ने की तैयारी करें और Embassy of India in Tehran के संपर्क में रहें।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए नागरिक दूतावास के निर्देशों का पालन करें और उसी के बताए गए सुरक्षित मार्गों से बाहर निकलें। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति या समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंचने की कोशिश न करें।
साथ ही, आपात स्थिति से निपटने के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
