Breaking: चीन ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक बार फिर विवादित कदम उठाया है, जिस पर भारत ने पहले की तरह कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल, चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों के नाम बदलने की कोशिश करता रहा है, जिस पर भारत कई बार सख्त आपत्ति जता चुका है। इसके बावजूद बीजिंग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा।
हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय ने फिर वही पुराना दावा दोहराते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलना उनकी संप्रभुता के तहत आता है। प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने यह भी कहा कि चीन ने कभी अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी। इस बयान को भारत ने पहले ही खारिज कर दिया था और इसे पूरी तरह निराधार बताया था।
भारत सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह के दावे भ्रामक और बेबुनियाद हैं। विदेश मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और रहेगा। साथ ही, चीन की ऐसी गतिविधियों को दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर करने के प्रयासों के खिलाफ बताया गया है।
गौरतलब है कि 10 अप्रैल को चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नए नाम जारी करने की कोशिश की थी, जिस पर भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे खारिज कर दिया। भारत ने दो टूक कहा कि इस तरह की हरकतों का कोई आधार नहीं है और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यह मुद्दा भारत और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद से जुड़ा है, जो दोनों देशों के रिश्तों में संवेदनशील बना हुआ है। चीन अक्सर अपने नक्शों में भारतीय क्षेत्रों को शामिल करने और उनके नाम बदलने की कोशिश करता है, लेकिन भारत हर बार इसका कड़ा विरोध करता है और अपनी संप्रभुता पर अडिग रहता है।
