Breaking: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में हाल ही में हुई घटनाओं ने पूरे कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। बीते दो महीनों में चार छात्र-छात्राओं की मौत के बाद छात्रों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। गुरुवार देर रात सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और संस्थान प्रशासन व शिक्षकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
आक्रोशित छात्रों ने कुछ प्रोफेसरों और हॉस्टल वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना था कि एक मामले में प्रोफेसर द्वारा कथित तौर पर असंवेदनशील टिप्पणी की गई, जिससे गुस्सा और बढ़ गया। वहीं एक अन्य घटना में छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर लापरवाही का आरोप लगाया और समय पर मदद न मिलने की बात कही।
स्थिति बिगड़ने पर कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी बीच संस्थान प्रशासन ने अचानक 18 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियों की घोषणा कर दी। जारी नोटिस में बताया गया कि थ्योरी परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
छुट्टियों के ऐलान के बावजूद छात्र धरने पर डटे रहे। कार्यवाहक निदेशक डॉ. ब्रह्मजीत सिंह अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
काफी देर तक चले विरोध के बाद प्रशासन की ओर से जांच कमेटी बनाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
