Breaking News: West Bengal में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने लंबी प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची जारी कर दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों के नाम जांच के दायरे में रखे गए थे। अब आपत्तियों की सुनवाई और ज्यूडिशियल रिव्यू के बाद आयोग ने फाइनल लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें करीब 27 लाख नाम हटाए गए हैं।
कोलकाता में जारी इस सूची के मुताबिक, कुल 60 लाख से अधिक नामों की जांच की गई थी। इनमें से लगभग 32 लाख वोटरों को पात्र माना गया, जबकि करीब 27 लाख को अपात्र घोषित किया गया। जिलावार आंकड़ों में सीमावर्ती जिलों से सबसे ज्यादा नाम हटाए गए हैं। मुर्शिदाबाद में लगभग 4.5 लाख से अधिक नाम हटे, जबकि उत्तर 24 परगना में 3 लाख से ज्यादा मतदाता सूची से बाहर किए गए। इसके अलावा मालदा, नदिया, दक्षिण 24 परगना, बीरभूम, हुगली, पश्चिम बर्धमान और उत्तर दिनाजपुर में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।
चुनाव कार्यक्रम के तहत राज्य में दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है।
चुनाव आयोग ने बताया कि सूची जारी करने से पहले हर आपत्ति और दावे की जांच की गई है। Supreme Court of India के निर्देशों के अनुसार, जिन मतदाताओं को अपात्र घोषित किया गया है, वे ज्यूडिशियल ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं। न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है।
