Haryana (गुड़गांव) : हरियाणा के रेवाड़ी ज़िले में गुरुवार शाम कथित रेत खननकर्ताओं के एक समूह द्वारा वन विभाग की टीम पर हमला करने के बाद एक वनरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों ने कथित तौर पर वनरक्षक संजय (45) को उसके साथियों से अलग कर दिया और फिर उसकी बुरी तरह पिटाई की। यह घटना अरावली के मनेठी इलाके में हुई, जो बार-बार की गई कार्रवाई के बावजूद अवैध रेत खनन का केंद्र बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि तीन वन कर्मियों की एक टीम शाम करीब 5:30 बजे इलाके में गश्त कर रही थी, तभी अवैध खनन में शामिल होने के संदेह में सात-आठ लोगों ने उनका सामना किया। संजय के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई।
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एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने मीडिया को बताया, “उन्होंने पिछले महीने रेत खनन में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। यह हमला बदले की कार्रवाई प्रतीत होता है। हमलावरों ने पहले संजय को अन्य कर्मचारियों से अलग किया और फिर उसकी पिटाई की। अन्य लोगों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की और आखिरकार उसे अस्पताल ले जाया गया क्योंकि वह बुरी तरह घायल है।”
अधिकारी ने आगे कहा, “हमने अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन हम पुलिस और उपायुक्त से मिलेंगे। अरावली में अवैध खनन एक गंभीर चुनौती है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” दक्षिण Haryana के अरावली क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से जारी है, जिसमें अक्सर वन अधिकारियों और खनन गिरोहों के बीच हिंसक झड़पें होती रहती हैं।
