बार-बार छाले होना किसी गंभीर बीमारी का लक्षण तो नहीं है?
मुंह में छाले होने के कई कारणों से हो सकते हैं, जिनमें चोट, कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों से रिक्शन, पोषक तत्वों की कमी और अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियां शामिल हैं। आमतौर पर छाले हानिरहित होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले या लगातार होने वाले छालों का डॉक्टर से निदान कराना जरूरी हो जाता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार के पोषक तत्वों की कमी जैसे फोलेट (विटामिन B9), विटामिन B12, आयरन और जिंक की कमी से बार-बार छाले हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार, 28% रोगियों में विटामिन की कमी छालों का प्रमुख कारण पाई गई।
इन कारणों को भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, छाले होने के पीछे तनाव और नींद की कमी जैसे कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। साइकोसोमेटिक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, तनावग्रस्त लोगों में छाले होने की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा महिलाओं में पीरियड्स से पहले या मेनोपॉज के दौरान भी छाले होने की दिक्कत अधिक देखी जाती है इसके लिए शरीर में हार्मोनल बदलावों को कारण माना जा सकता है।
बार-बार छाले होना कितना गंभीर?
अगर छाले लगातार हो रहे हैं, बहुत दर्दनाक हैं या ठीक होने में 2 हफ्ते से अधिक समय ले रहे हैं, तो इस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। एनीमिया (खून की कमी), खासकर विटामिन बी12 की कमी अक्सर छालों की वजह बनती है। इसका समय रहते इलाज जरूरी हो जाता है। गैस्ट्रिक समस्याएं जैसे सीलिएक या क्रोहन डिजीज के लक्षणों में आपको मुंह में बार-बार छाले होने की दिक्कत होती है, जिसका समय पर पहचान और इलाज जरूरी है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कमजोर इम्युनिटी की वजह से भी छाले बार-बार होते हैं।
छालों से बचाव के लिए क्या करें?
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