Haryana Politics: हरियाणा कांग्रेस में बदलाव के संकेत, करनाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा के मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों की मौजूदगी ने हरियाणा कांग्रेस में संभावित बदलावों की अटकलों को हवा दे दी है। इस मौके पर कई नेताओं ने सैलजा के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई। वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने पार्टी की एकता को प्राथमिकता देने की बात कही, वहीं सैलजा ने सभी नेताओं के समर्थन के लिए आभार प्रकट किया। यह घटनाक्रम हरियाणा कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को और मजबूत करता है।
हरियाणा कांग्रेस में बदलाव की बड़ी सुगबुगाहट के बीच करनाल में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। सिरसा से कांग्रेस की सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा के मंच पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह के खास समर्थक न केवल नजर आए, बल्कि सैलजा की हां में हां मिलाते नजर आए।
इतना ही नहीं कई नेताओं ने तो नेतृत्व बदलकर कुमारी सैलजा के नेतृत्व में काम करने का संकल्प लिया। मौका था एचएसएससी के पूर्व सदस्य ललित बुटाना के यहां कार्यक्रम का। इस मौके पर कुमारी सैलजा पहुंची थी। यहां पर हुड्डा के समर्थक पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व विधायक सुमिता सिंह, पूर्व विधायक राजरानी पूनम, जयपाल मान समेत रघबीर संधू समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
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यह पहली बार है कि हुड्डा समर्थक नेताओं ने कुमारी सैलजा के साथ मंच सांझा किया हो। इससे पहले पूर्वज्ञ विधायक शमशेर गोगी को छोड़कर सभी नेता कार्यक्रमों से दूरी बनाते नजर आए थे, लेकिन रविवार को सभी नेताओं ने फूल मालाओं के साथ कुमारी सैलजा का स्वागत किया। रघबीर संधू ने तो यहां तक दिया कि पहले वे हुड्डा के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने में लगे थे और अब सैलजा के नेतृत्व में वही काम करेंगे।
हमने अपना नेता बदल दिया है, डंडा और झंडा वही है। गौर हो कि संगठन गठन को लेकर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब प्रदेशाध्यक्ष को भी बदला जाना है। संभावना जताई जताई जा रही है कि दोबारा से कुमारी सैलजा को प्रदेश की कमान दी जा सकती है।
कुमारी सैलाज के कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि राजनीति में नाराजगी स्थायी नहीं होती। समय-समय पर मतभेद और मनमुटाव होना स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है।
उन्होंने कहा कि चाहे हुड्डा हों या सैलजा, सबका लक्ष्य कांग्रेस को मजबूत करना है। वहीं, पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने कहा कि हम सभी कांग्रेस नेताओं का स्वागत करते आए हैं। कांग्रेस एक परिवार की तरह है।
अगर कोई नेता करनाल आता है, तो वे सब उस कार्यक्रम में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चाहे जो भी बने, वे उसका स्वागत करेंगी। सुमिता सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हुड्डा से नाराज नहीं हैं।
प्रदेशाध्यक्ष बनने के सवाल पर कुमारी सैलजा ने कहा कि ये हाईकमान के फैसले हैं और इस बारे में हाईकमान ही जानता है। नेता बदलने या नेतृत्व को लेकर जो भी निर्णय होंगे, वे कांग्रेस हाईकमान तय करेगा। जहां तक कार्यक्रम में सभी नेताओं के एकजुटता के सवाल पर कहा कि सहयोग और आशीर्वाद देने के लिए सभी का शुक्रिया। कांग्रेस की मजबूती के लिए सभी मिलकर काम कर रहे हैं।
