Delhi : दिल्ली में व्यापार करना अब और अधिक आसान होने वाला है। जी हां.. दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में व्यापार को और अधिक लचीला बनाने के लिए बैठक की। Delhi सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चली बैठक में सर्किल रेट समीक्षा के निर्देश दिए। सरकार अगर सर्किल रेट कम करती है तो दिल्ली में व्यपार करने के प्रति बिजनेसमैन का रूझान बढ़ेगा। बैठक में दिल्ली में स्थित अवैध कॉलोनियों, हाउसिंग सोसाइटियों, पुनर्विकास परियोजनाओं और औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक ढांचे पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, नगर निगम, डीडीए, डीएमआरसी, को-ऑपरेटिव सोसाइटी रजिस्ट्रार और कॉन्फ़्रेडेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (CII) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में Delhi में स्थित अवैध कॉलोनियों, हाउसिंग सोसाइटियों, पुनर्विकास परियोजनाओं और औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक ढांचे पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही सर्किल रेट में संशोधन, बिल्डिंग बायलॉज को सरल बनाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिल्ली में सर्किल रेट की समीक्षा कर उन्हें मौजूदा बाजार दरों के अनुसार संशोधित करने के निर्देश दिए। साथ ही सर्किल रेट की समीक्षा के लिए दिल्ली के डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की घोषणा की। यह समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी, जिस आधार पर नए सर्किल रेट तय किए जाएंगे।
कॉलोनियों की स्थिति सुधारने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अवैध कॉलोनियों की स्थिति सुधारने के लिए सभी नागरिक एजेंसियों को सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही डीडीए और शहरी विकास विभाग को इन कॉलोनियों में स्वामित्व अधिकार और संपत्ति पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया।
राजधानी के समग्र विकास के लिए बैठक में ये सिफारिशें की गई
बैठक के दौरान टास्क फोर्स द्वारा एक रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में राजधानी के समग्र विकास के लिए कई प्रमुख सिफारिशें की गईं।
- दिल्ली में सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम की स्थापना करना।
- सभी एजेंसियों के लिए एकसमान डेवलपमेंट कंट्रोल नॉर्म्स बनना।
- बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए समयबद्ध मंजूरी।
- व्यावसायिक भूखंडों के लिए अमलगमेशन चार्ज में कटौती।
- MCD के क्षेत्र में लेआउट प्लान में बदलाव की आवश्यकता समाप्त करना।
- ग्रीन बिल्डिंग नीति को बढ़ावा देना।
- प्रॉपर्टी टैक्स की संरचना में बदलाव।
- DMRC को आवंटित भूमि का अधिकतम उपयोग।
- होटल व अन्य कमर्शियल भूखंडों के लिए FAR में कमी।
- झुग्गी पुनर्विकास को PPP मॉडल के तहत प्रोत्साहित शामिल करना।
आवासीय क्षेत्रों पर भी लागू होगा ग्रीन बिल्डिंग नीति
मुख्यमंत्री ने अमलगमेशन चार्ज में कटौटी के प्रस्ताव को केवल व्यावसायिक भूखंडों तक सीमित रखने की बजाय रेजिडेंशियल प्लॉट्स को भी इस नीति के तहत लाने का सुझाव दिया। साथ ही ग्रीन बिल्डिंग नीति को आवासीय क्षेत्रों पर भी लागू करने की बात कही ताकि पर्यावरण को ध्यान में रख कर विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
NEWS SOURCE Credit :lalluram
