Delhi BMW Accident: धौला कुआं में हुई BMW दुर्घटना मामले में आरोपी गगनप्रीत कौर की ओर से पेश वकील विकास पाहवा ने एफआईआर और डीसीपी के बयान को परस्पर विरोधाभासी बताया है। उनका कहना है कि घटना के लगभग 10 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें जानबूझकर कुछ धाराएं जोड़ी गई हैं। गगनप्रीत को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वकील का यह भी दावा है कि यह मामला लापरवाही या तेज रफ्तार ड्राइविंग का नहीं है।
धौला कुआं के पास दिल्ली बीएमडब्ल्यू हादसे में आरोपी के वकील विकास पाहवा ने दावा किया है कि इस मामले में दर्ज एफआईआर डीसीपी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘हमने एफआईआर पढ़ी, जो हादसे के 10 घंटे बाद दर्ज की गई। हादसा दोपहर 1:30 बजे हुआ और एफआईआर रात 11:30 बजे दर्ज की गई…एफआईआर की जानकारी डीसीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से विरोधाभासी है…यह गलत प्रतीत होता है।’
बता दें कि आरोपी ड्राइवर गगनप्रीत कौर को दिल्ली पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया था और बाद में कोर्ट ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी एवं एक महिला घायल हो गई थी।
पाहवा ने कहा, ‘यदि लापरवाही और तेज ड्राइविंग के कारण किसी की मौत होती है तो यह जमानती अपराध है। अगर कोई इसे गैर-जमानती अपराध बनाने के लिए कुछ धाराएं जोड़ने की कोशिश करता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि डीसीपी ने कहा है कि हादसा एक बहुत तीखे मोड़ पर हुआ। जब हादसा तीखे मोड़ पर हुआ, तो कार का अगला हिस्सा पहले टकराया। दोपहिया वाहन पर सवार दो लोग टकराए और एक डीटीसी बस से जा टकराए।
उन्होंने आगे कहा, “सीसीटीवी को कोर्ट में पेश नहीं किया गया। आरोपी, उनके पति और बच्चे कार में ही थे। उनके एयरबैग भी खुले और वे भी घायल हुए हैं। यह लापरवाही और तेज ड्राइविंग का मामला नहीं है। यह धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) का मामला कैसे हो सकता है?
पाहवा ने एक और पक्ष रखते हुए कहा कि ड्राइवर पीड़ितों को 45 मिनट दूर अस्पताल तक ले गए। सबूत हैं कि आरोपित ने फोन पर डॉक्टर से बात की थी और आपातकाल के लिए तैयार रहने को कहा था।
वकील ने कहा, ‘टैक्सी ड्राइवर के अनुसार, डॉक्टरों ने उनका ठीक से इलाज किया। वे 46 मिनट में अस्पताल पहुंचे और लगभग 2:16 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एफआईआर की कहानी जांच अधिकारी की है…आरोपी को 2 दिन की न्यायिक हिरासत मिली है। हमने जमानत याचिका दायर की है। सुनवाई परसों है।’
दरअसल, बीएमडब्ल्यू कार ने रविवार को एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। टक्कर के कारण मोटरसाइकिल बाईं ओर एक बस से भी जा टकराई थी। मृतक नवजोत सिंह, वित्त मंत्रालय के कर्मचारी और हरि नगर के निवासी थे। उनकी पत्नी को कई फ्रैक्चर और सिर में चोटें आईं।
वहीं, मृतक नवजोत के वकील ईशान दीवान ने एएनआई को बताया कि पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की, न कि पुलिस हिरासत। कोर्ट ने दो दिन की न्यायिक हिरासत दी है। आरोपी के वकील ने आज जमानत याचिका दायर की है…अभी जो महत्वपूर्ण है, वह यह है कि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना फिर से न हो… हम कोर्ट में सभी तथ्य पेश करेंगे…”
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