Breaking: 2014 में हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला स्थित आश्रम में हुए हिंसक घटनाक्रम से जुड़े मामले में आश्रम संचालक Rampal को बड़ी राहत मिली है। Punjab and Haryana High Court की खंडपीठ ने उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह समेत अन्य गंभीर धाराओं वाले केस में नियमित जमानत याचिका को शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस पर विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है।
क्या था मामला?
18 नवंबर 2014 को हिसार के बरवाला थाने में इस घटना को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम परिसर में बड़ा बवाल हुआ था। इस हिंसा में आश्रम के छह अनुयायियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।
जांच में यह आरोप सामने आया था कि आश्रम में मौजूद लोगों को जबरन अंदर रोका गया था और पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली गई थी। इसी के आधार पर रामपाल के खिलाफ देशद्रोह, हत्या, अवैध रूप से बंधक बनाना और सरकारी कार्य में रुकावट डालने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत को बताया कि अब तक करीब 450 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और ट्रायल काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए नियमित जमानत देने की मांग की गई।
कोर्ट का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने राहत तो दे दी है, लेकिन इसे कुछ शर्तों के साथ मंजूर किया गया है।
फिलहाल अदालत ने संक्षिप्त आदेश में जमानत दी है। किन शर्तों पर यह राहत दी गई है और आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ेगी, इसका पूरा विवरण विस्तृत आदेश जारी होने के बाद ही सामने आएगा।
