Rajasthan News: बाड़मेर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डिप्टी एसपी पर अपने ही सरकारी वाहन के चालक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पहले इस घटना को अधिकारियों ने दबाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर की पीड़ा भरे शब्दों में रिकॉर्ड किया गया ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। नागौर सांसद और आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने कहा कि डीएसपी और ड्राइवर के बीच विवाद हुआ था.
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने कहा कि डीएसपी और ड्राइवर के बीच विवाद हुआ था. एएसपी को भेजकर मामला शांत कराया. एएसपी को मामले की जांच दी है. दरअसल यह घटना 11 सितंबर की रात की है, जब धनाऊ थाना इलाके से जांच के बाद डीएसपी जीवनलाल खत्री सरकारी गाड़ी से चौहटन लौट रहे थे. इस दौरान डीएसपी जीवनलाल और पुलिस ड्राइवर हेड कांस्टेबल रामूराम के बीच किसी बात पर बहस हो गई. आरोप है कि डीएसपी ने ड्राइवर से गाली गलौज की और थप्पड़ मार दिया.
इधर, पीड़ित हेड कांस्टेबल रामूराम ने कहा कि चौहटन डिप्टी जीवनलाल व रीडर गोपीकिशन के साथ 11 सितंबर की रात धनाऊ थाने से एक मामले की जांच के बाद चौहटन लौट रहे थे. आरोप है कि डीएसपी ने गाली गलौच करते हुए थप्पड़ मार दिया. पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा को सूचना मिली तो बाड़मेर एएसपी जसाराम बोस को मौके पर भेजा. उन्होंने समझाकर राजीनामा लिखवा लिया. ड्राइवर का कहना है कि वह 12 सितंबर को बाड़मेर एसपी के पास गया. तब मैंने उनको पूरा घटनाक्रम बताया, लेकिन मेरे साथ अब कोई नहीं है. ऐसे में अब इस माहौल में नौकरी नहीं कर सकता. मेरे अधिकारी मेरे साथ नहीं हैं.
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इस बीच, डीएसपी जीवनलाल का आरोप है कि कि हेड कांस्टेबल रामूराम लापरवाही से पुलिस वाहन चला रहा था. इस पर गाड़ी रुकवा कर दूसरी गाड़ी मंगवाई और उसमें सवार हुआ, लेकिन रामूराम बार-बार अपनी गाड़ी से रास्ता रोक रहा था. हालांकि, उच्च अधिकारियों के मामला संज्ञान में आने पर समझाइश कर बात वही खत्म हो गई थी, लेकिन लोगों की बातों में आकर अब आरोप लगा रहा है. ऐसा कुछ हुआ ही नहीं.
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि चौहटन वृताधिकारी पद पर कार्यरत पुलिस के एक अधिकारी के अपने अधीनस्थ हेड कांस्टेबल से अभद्र व्यवहार व मारपीट का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है. बेनीवाल ने घटना को निंदनीय बताते हुए सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
