High Blood Pressure यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती है। एशियन अस्पताल में स्थित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक चौधरी के अनुसार, जब बीपी लगातार सामान्य सीमा से ऊपर रहता है तो यह हृदय को अत्यधिक दबाव में काम करने के लिए मजबूर करता है। धीरे-धीरे यह स्थिति दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर सकती है और हार्ट फेलियर जैसे गंभीर रोग की संभावना को बढ़ा देती है।
दिल की पंप करने की क्षमता होने लगती है कम
लंबे समय तक ब्लड प्रेशर का बढ़ा हुआ स्तर दिल की दीवारों को मोटा और कठोर बना देता है। इससे दिल की पंप करने की क्षमता कम होने लगती है और व्यक्ति को सांस फूलने, थकान और पैरों में सूजन जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं, जो हार्ट फेलियर के लक्षण हो सकते हैं। हाई बीपी का असर सिर्फ हृदय तक सीमित नहीं होता। यह किडनी, आंखों और मस्तिष्क पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। लेकिन दिल पर इसका असर सबसे बड़ा माना जाता है।
हाई बीपी नियंत्रित करना है ज़रूरी
इस स्थिति से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है High Blood Pressure को समय रहते नियंत्रित करना। इसके लिए सबसे पहले जरूरी है कि व्यक्ति नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाए। कई बार लोग लक्षण महसूस न होने पर लापरवाही कर देते हैं, लेकिन यह आदत नुकसानदायक हो सकती है।
जीवनशैली करने होंगे ये बदलाव
हाई बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए जीवनशैली में कुछ सरल बदलाव बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। सबसे पहले, नमक का सेवन सीमित करना चाहिए क्योंकि यह बीपी को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, फल और हरी सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लेना फायदेमंद होता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या हल्का व्यायाम करने से रक्तचाप नियंत्रण में रहता है और दिल की सेहत बेहतर होती है।
तनाव भी हाई बीपी का एक बड़ा कारण
तनाव भी हाई बीपी का एक बड़ा कारण है, इसलिए नियमित रूप से ध्यान, योग या गहरी सांसों के अभ्यास से तनाव को कम किया जा सकता है। धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी दिल पर बुरा असर डालता है, अतः इन आदतों से बचना चाहिए। यदि डॉक्टर ने दवाएं लिखी हैं, तो उन्हें नियमित रूप से लेना और फॉलोअप में जाना जरूरी है।
हाई बीपी को नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक
खुद से दवाएं बंद करना या डोज़ में बदलाव करना नुकसानदायक हो सकता है। अंत में, यह समझना बेहद जरूरी है कि हाई बीपी को नजरअंदाज करना दिल के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। लेकिन यदि इसे समय पर पहचाना जाए और जीवनशैली में बदलाव किया जाए, तो इससे दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है और एक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
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