Update: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई—जानिए क्या बदला और आपको कितना फायदा होगा,भारत सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) में बड़ी कटौती की है। नए आदेश के मुताबिक, पेट्रोल पर यह ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यह फैसला अमेरिका-ईरान तनाव के चलते कच्चे तेल की संभावित बढ़ती कीमतों को देखते हुए लिया गया है।
सरकार की ओर से जारी गज़ट नोटिफिकेशन में बताया गया है कि यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, पेट्रोल पंप पर कीमतों में इसका असर तुरंत दिखे, ऐसा जरूरी नहीं है—नई दरें लागू होने में कुछ समय लग सकता है।
अतिरिक्त उत्पाद शुल्क क्या होता है?
भारत में पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार दो तरह के एक्साइज टैक्स लगाती है:
- बेसिक एक्साइज ड्यूटी: यह एक तय और स्थायी दर होती है
- अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी: यह एक अतिरिक्त या अस्थायी टैक्स होता है, जिसे खास परिस्थितियों में लगाया जाता है
सरकार इस अतिरिक्त टैक्स का उपयोग राजस्व बढ़ाने या इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे खर्चों के लिए करती है।
कटौती से क्या बदला?
- पेट्रोल: ₹13 → ₹3 (₹10 की कमी)
- डीजल: ₹10 → ₹0 (₹10 की कमी)
आम लोगों पर असर
इस फैसले के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब ₹10 प्रति लीटर तक कमी आ सकती है। हालांकि, राज्यों के VAT और डीलर कमीशन के कारण असली राहत थोड़ी कम भी हो सकती है।
सरकार पर असर
इस कटौती से सरकार के राजस्व में कमी आएगी, लेकिन महंगाई को काबू में रखने और लोगों को राहत देने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका है, खासकर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण। ऐसे में सरकार ने पहले ही टैक्स घटाकर ईंधन की कीमतों में संभावित उछाल को रोकने की कोशिश की है।
कुल मिलाकर समझें
अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कटौती का मतलब है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला अतिरिक्त टैक्स कम कर दिया है, ताकि कीमतें काबू में रहें और आम लोगों पर महंगाई का बोझ न बढ़े। यह कदम अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं दोनों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
