Health Alert: जीने के लिए पानी जरूरी है, लेकिन क्या कम पानी पीने से सच में किडनी खराब हो सकती है? इस पर डॉक्टरों ने अहम जानकारी दी है। किडनी को शरीर का प्राकृतिक फिल्टर माना जाता है, जो रोजाना बड़ी मात्रा में खून को साफ कर पेशाब के जरिए गंदगी बाहर निकालती है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना बेहद जरूरी है।
Dr. P. N. Gupta के मुताबिक, अगर शरीर में तरल पदार्थ कम हो जाएं तो किडनी को संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हमारा शरीर करीब 60-70% पानी से बना है और किडनी इसमें मौजूद टॉक्सिन्स, अतिरिक्त नमक और वेस्ट प्रोडक्ट्स को बाहर निकालने का काम करती है। ऐसे में पानी इसकी कार्यप्रणाली के लिए बेहद अहम है।
पानी की कमी होने पर किडनी गाढ़ा पेशाब बनाने लगती है, जिससे शरीर में कैल्शियम और अन्य तत्व जमा होने लगते हैं। यही कारण है कि लंबे समय तक कम पानी पीना किडनी स्टोन का बड़ा कारण बन सकता है। साथ ही, इससे किडनी के फिल्टर (नेफ्रॉन) पर भी असर पड़ता है और उनमें सूजन आ सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि बार-बार डिहाइड्रेशन होने से किडनी पर दबाव बढ़ता है, जिससे एक्यूट किडनी इंजरी (AKI) या क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को इस मामले में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है।
डिहाइड्रेशन के संकेत
- गहरे पीले रंग का पेशाब
- पेशाब की मात्रा कम होना
- शरीर में लगातार थकान महसूस होना
डॉक्टरों का कहना है कि प्यास लगना हमेशा सही संकेत नहीं होता, इसलिए नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है। आमतौर पर दिन में 7-8 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह मात्रा व्यक्ति की जरूरत, मौसम और शारीरिक गतिविधियों के अनुसार बदल सकती है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना सबसे आसान और जरूरी उपाय है।
