Gut Health Alert: दुनियाभर में कोलन कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है, जिसमें आंत में मौजूद कुछ बैक्टीरिया की भूमिका सामने आई है। अमेरिका के शोधकर्ताओं की यह स्टडी प्रतिष्ठित जर्नल Science में प्रकाशित हुई है, जिसमें बताया गया है कि ये बैक्टीरिया शरीर के डीएनए को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
दरअसल, हमारी आंत में रहने वाले कुछ खास E. coli बैक्टीरिया एक टॉक्सिन बनाते हैं, जिसे Colibactin कहा जाता है। सामान्य रूप से ये बैक्टीरिया गट माइक्रोबायोम का हिस्सा होते हैं और पाचन में मदद करते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में ये हानिकारक भी बन सकते हैं। वैज्ञानिक पहले से जानते थे कि यह टॉक्सिन डीएनए को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन इसकी संरचना और काम करने के तरीके को समझना मुश्किल था क्योंकि यह बहुत जल्दी टूट जाता है।
नई रिसर्च में मास स्पेक्ट्रोमेट्री और न्यूक्लियर मैग्नेटिक रेजोनेंस जैसी तकनीकों की मदद से इसके काम करने का तरीका साफ किया गया। पता चला कि कोलिबैक्टिन डीएनए पर किसी भी जगह असर नहीं करता, बल्कि खास हिस्सों को निशाना बनाता है—जहां एडेनिन और थाइमिन अधिक मात्रा में होते हैं। यह डीएनए की दोनों स्ट्रैंड्स को आपस में जोड़ देता है, जिसे वैज्ञानिक “इंटरस्ट्रैंड क्रॉस-लिंक” कहते हैं। इससे डीएनए की मरम्मत और कॉपी करने की प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकती है।
रिसर्च में यह भी सामने आया कि यह टॉक्सिन डीएनए के “माइनर ग्रूव” हिस्से में जाकर चिपकता है और “लॉक-एंड-की” जैसे मैकेनिज्म के तहत सटीक तरीके से नुकसान पहुंचाता है। यही वजह है कि कोलोरेक्टल कैंसर के कई मरीजों में एक जैसे डीएनए बदलाव देखने को मिलते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज के आधार पर भविष्य में ऐसे टेस्ट विकसित किए जा सकते हैं, जो आंत में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया की पहचान कर सकें। साथ ही, ऐसे इलाज भी संभव हो सकते हैं जो इस टॉक्सिन को बनने से रोकें या डीएनए को नुकसान पहुंचाने से पहले ही निष्क्रिय कर दें। इसके अलावा, संतुलित डाइट, प्रोबायोटिक्स और बेहतर लाइफस्टाइल के जरिए गट माइक्रोबायोम को संतुलित कर जोखिम कम करने पर भी काम किया जा सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों के आधार पर दी गई है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
