Big Update: ईरान युद्ध के चलते गैस सप्लाई पर असर पड़ने के बीच भारत में घरेलू LPG की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से तेल कंपनियां 14.2 किलो वाले सिलेंडर में गैस की मात्रा घटाकर करीब 10 किलो करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं, ताकि सीमित स्टॉक को ज्यादा समय तक चलाया जा सके और ज्यादा घरों तक सप्लाई पहुंच सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय प्राथमिकता गैस की बचत और सप्लाई को बनाए रखने पर है। भारत अपनी करीब 60% LPG जरूरत आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। लेकिन मौजूदा हालात के कारण इस मार्ग से सप्लाई में भारी कमी आई है, जिससे देश में स्टॉक पर दबाव बढ़ गया है।
स्थिति को संभालने के लिए भारत ने अमेरिका और कनाडा से LPG आयात बढ़ाया है, लेकिन फिर भी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। हाल ही में होर्मुज मार्ग से आई गैस की मात्रा सिर्फ एक दिन की राष्ट्रीय खपत के बराबर रही है, जो चिंता का विषय है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, हालात “चिंताजनक” हैं और गैस बचाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक LPG की सप्लाई जारी रहेगी। वहीं, कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी अब उनके पुराने कोटे का 40% तक गैस मिलनी शुरू हो गई है।
